संगठन की विचारधारा : धारा-1

संगठन का नाम : ग्रामीण जनस्वास्थ्य रक्षक कल्याण समिति, उ0प्र0

धारा-2

संगठन का कार्य क्षेत्र : सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश

संगठन का पता :105/219, निकट नवरंग होटल, फूलबाग, हुसैनगंज, लखनऊ, पिन कोड-226001, मोबाइल: 9935299901

धारा-3

संगठनात्मक ढांचा:

ग्रामीण जनस्वास्थ्य रक्षक कल्याण समिति, उ0प्र0 के निम्नलिखित अंग हैं

1.प्रदेश कार्यकारिणी

2. प्रदेश प्रभारी मण्डल स्तर पर

3.मण्डल संगठन

4.जिला कार्यकारिणी

5. ब्लाक संगठन

धारा-4

1. 18 वर्ष उम्र पूर्ण होने पर संगठन के नियमों और शर्तों को स्वीकार करते हुए सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं।

2. प्रारम्भिक सदस्यता फार्म ‘अ’ के लिए 525/- रुपये का सदस्यता शुल्क जमा करना होगा।

3. सक्रिय सदस्यता फार्म ‘ब’ के लिए कम से कम 40 प्रारम्भिक सदस्यों का सदस्यता ग्रहण करवाना होगा, वह सक्रिय सदस्य होगा।

4 सदस्यता एक वर्ष का होगा। जैसे पहली जनवरी से प्रारम्भ होकर 31 दिसम्बर को समाप्त होगा।

5. सदस्यता शुल्क विभिन्न इकाईयों में इस प्रकार बांटा जायेगा। प्रदेश कार्यकारिणी: 50 प्रतिशत जिला कार्यकारिणी: 30 प्रतिशत ब्लाक कार्यकारिणी: 20 प्रतिशत

6. सदस्यता का पूरा शुल्क सम्बन्धित राज्य कार्यालय के कोष में जमा किया जायेगा।

7. प्रदेश कार्यकारिणी, जिला कार्यकारिणी, ब्लाक कार्यकारिणी के सदस्य बने रहने के लिए संगठन के कोष में जमा करना होगा। (अ) प्रदेश कार्यकारिणी सदस्यता शुल्क प्रति वर्ष 5001/- (ब) जिला कार्यकारिणी सदस्यता शुल्क प्रतिवर्ष 2001/- (स) ब्लाक कार्यकारिणी सदस्यता शुल्क प्रतिवर्ष 1001/- (द) संगठन द्वारा निश्चित अवधि के अन्दर निर्धारित चन्दा जमा न करने वाले सदस्यों/पदाधिकारियों की संगठन से सदस्यता स्वतः समाप्त हो जायेगी।

धारा 5

1. ग्रामीण जनस्वास्थ्य रक्षक कल्याण समिति उ0प्र0 के किसी भी सदस्य पर आकस्मिक दैवीय आपदा आने पर उसके परिवार को कम से कम 10,000/- की राशि नगद या चेक के माध्यम से भुगतान करेगा।

2. यह राशि प्रदेश संगठन के किसी पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष और ब्लाक अध्यक्ष के समक्ष दिया जायेगा।

3.सहायता राशि में संगठन का सहयोग इस प्रकार है:-

(क) प्रदेश संगठन से रुपये 6,000/- (ख) जिला संगठन से रुपये 3,000/- (ग) ब्लाक संगठन से रुपये 1,000/-

धारा 6

कार्यकाल:

प्रदेश कार्यकारिणी का कार्यकाल 03 वर्ष का होगा।

धारा 7

सदस्यों की सूची:

1. जिला स्तर पर प्रारम्भिक एवं सक्रिय सदस्यों की सूची जिलाध्यक्ष की देखरेख में अलग-अलग रजिस्टर में तैयार की जायेगी। जिलाध्यक्ष एवं जिला प्रमुख सचिव दोनों के हस्ताक्षरों से सक्रिय सदस्यों की सूची राज्य कार्यकारिणी को भेजी जायेगी।

2. नकली या फर्जी सदस्यता की लिखित शिकायत यदि तथ्यों के साथ जिलाध्यक्ष या प्रदेश अध्यक्ष प्रदेश प्रमुख सचिव से की जाती है तो जिलाध्यक्ष अपने स्तर से जांच कराके रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय को भेजेगा अथवा प्रदेश अध्यक्ष के निर्देशानुसार जिस तरह से उचित समझे, इसकी जांच करायेगा। यदि जांच से यह सिद्ध हो जाता है कि सदस्यता फर्जी है तो नकली सदस्यता करने वाला व्यक्ति किसी भी पद के लिए अयोग्य समझा जायेगा। प्रदेश अध्यक्ष स्वयं या किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के द्वारा इसकी सुनवाई करा सकता है। प्रदेश अध्यक्ष का निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी होगा।

3. सदस्यता संबंधी कोई भी वाद किसी भी न्यायालय में नहीं ले जाया जा सकता है।

4. सदस्यता सूची में सदस्य का नाम स्थायी पता सदस्यता की तिथि तथा सदस्यता फार्म का क्रमांक अंकित किया जायेगा।

धारा 8

राज्य कार्यकारिणी:

1. प्रदेश कार्यकारिणी में सदस्यों की अधिकतम संख्या 21 होगी। जिसमें अधिनियम संख्या 21,1860 के अधीन 14 सदस्य होंगे एवं नामित सदस्यों की संख्या 7 होगी।

2. नामित सदस्यों का चयन आवश्यकता के आधार पर प्रदेश कार्यकारिणी के सहमति से होगा।

3. नामित सदस्यों का चयन इस प्रकार होगा:
(अ) प्रदेश उपाध्यक्ष
(ब) संगठन मंत्री
(स) प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य

धारा 9

प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक:

प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक साल में चार बार या विशेष बैठक कभी भी आवश्यकतानुसार सदस्यों को सूचना देकर बुलायी जा सकती है।

सूचना अवधि:

प्रबन्धकारिणी समिति की सामान्य बैठक की सूचना 7 दिन पूर्व व विशेष बैठक की सूचना तीन दिन पूर्व सदस्यों को दी जायेगी।

गणपूर्ति:

प्रबंधकारिणी समिति के कुल सदस्यों में से 2/3 सदस्यों की उपस्थिति गणपूर्ति मान्य है। गणपूर्ति के अभाव में बैठक स्थगित करना अनिवार्य नहीं है।

धारा 10

रिक्त स्थानों की पूर्ति:

प्रबन्धकारिणी समिति के अन्तर्गत जब कोई भी आकस्मिक स्थान रिक्त होता है तो उसकी पूर्ति साधारण सभा के 2/3 सदस्यों के बहुमत से की जायेगी।

विशेष वार्षिक अधिवेशन:

साधारण सभा का वार्षिक अधिवेशन साल में एक बार होगा जिसकी तिथि प्रबन्धकारिणी समिति के दो तिहाई सदस्यों के बहुमत से तय की जायेगी।

(अ) प्रदेश कार्यकारिणी की रजिस्टर्ड संख्या 14 है जो इस प्रकार है:- प्रदेश अध्यक्ष-1, सचिव-1, उपाध्यक्ष-3, संगठन मंत्री-3, कार्यालय सचिव-1, कोषाध्यक्ष-1, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य-4

(ब) प्रदेश कार्यकारिणी में नामित सदस्यों की संख्या 7 है जो इस प्रकार है:- उपाध्यक्ष-2, संगठन मंत्री-2, तीन सदस्य होंगे।

(स) प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश सचिव के अनुसार प्रदेश प्रभारी मनोनीत किया जायेगा। प्रदेश में चार प्रभारी मनोनीत किये जायेंगे।

(द) प्रदेश प्रभारी का कार्य मण्डल एवं जिला स्तर पर समीक्षा कर रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय भेजना।

धारा 11

प्रबन्धकारिणी समिति के अधिकार एवं कर्तव्य:

प्रबन्धकारिणी समिति के अन्तर्गत जब कोई भी आकस्मिक स्थान रिक्त होता है तो उसकी पूर्ति साधारण सभा के 2/3 सदस्यों के बहुमत से की जायेगी।

1. संस्था की उन्नति के लिए आवश्यक कार्य करना।

2. संस्था की वार्षिक रिपोर्ट एवं बजट तैयार करना।

3. उद्देश्यों की पूर्ति हेतु राज्य सरकार, केन्द्र सरकार, स्थानीय निकार्योंं, दानशील व्यक्तियों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, सरकारी, अर्द्धसरकारी कार्यालयों, समाज कल्याण विभाग उ0प्र0, केन्द्रीय एवं राज्य समाज कल्याण सलाहकार बोर्ड, कपार्ट, अबार्ड, नाबार्ड, सिडबी, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, यूनीसेफ, ड्वाकरा, सिफ्सा, सेफ इण्डिया, हेल्पेज इण्डिया, आक्सफेम इण्डिया, सूडा, डूडा, विश्व स्वास्थ्य संगठन, राष्ट्रीय महिला कोष, विश्व बैंक, केयर, खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड उ0प्र0, अखिल भारतीय खादी तथा ग्रामोद्योग आयोग, वन मंत्रालय, पशुधन विकास मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, उ0प्र0/केन्द्रीय महिला कल्याण निगम, महिला कल्याण मंत्रालय, अल्पसंख्यक विभाग/बोर्ड उ0प्र0 अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम, राजीव फाउण्डेशन, पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशालय, विकलांग कल्याण निदेशालय, उद्यान विभाग उ0प्र0, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं तथा अन्य स्रोतों से ऋण अनुदान एवं वित्तीय सहायता प्राप्त करना।

धारा 12

प्रबन्धकारिणी समिति के पदाधिकारियों के अधिकार एवं कर्तव्य:

अध्यक्ष:

1. प्रदेश अध्यक्ष समस्त बैठकों की अध्यक्षता करेगा।

2. प्रदेश अध्यक्ष प्रदेश कार्यकारिणी के अनुमोदन की प्रत्याशा में अनुशासन सम्बन्धी कोई भी कार्यवाही करने में सक्षम होगा। यदि अध्यक्ष इस बात से संतुष्ट है कि संगठन के किसी भी पदाधिकारी या सदस्य का आचरण संगठन विरोधी है तो अध्यक्ष ऐसे किसी भी पदाधिकारी, पदाधिकारियों, सदस्य, सदस्यों को संगठन से निलम्बित एवं निष्कासित कर सकता है। अध्यक्ष की इस कार्यवाही को किसी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती है।

3. जब प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक नहीं हो रही होगी, उस अवधि में प्रदेश अध्यक्ष प्रदेश कार्यकारिणी के अधिकारों का प्रयोग करेगा।

4. कार्यकारिणी की बैठक बुलाने का अधिकार अध्यक्ष को होगा।

5. कार्यकारिणी की 50 प्रतिशत सदस्यों की मांग पर अध्यक्ष प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक बुलाने को बाध्य होगा।

6. कार्यकारिणी के किसी भी सदस्य के त्याग-पत्र देने, मृत्यु होने तथा संगठन से निकाले जाने के कारण रिक्त हुए स्थानों को अध्यक्ष शेष कार्यकाल के लिए मनोनयन के द्वारा भर सकेगा।

7. ग्रामीण जनस्वास्थ्य रक्षक कल्याण समिति के सम्बद्ध संगठनों के जिलाध्यक्ष, प्रदेश प्रभारियों, महिला प्रकोष्ठों, पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी के सदस्यों को मनोनीत करने का अधिकार प्रदेश अध्यक्ष को होगा।

उपाध्यक्ष:

1. अध्यक्ष की अनुपस्थिति में कार्य करना एवं उनके कार्यों में सहयोग प्रदान करना समय-समय पर अध्यक्ष द्वारा प्रदत्त अधिकारों के तहत उपाध्यक्ष वह सभी कार्य करेगा, जिसके लिए अधिकृत किया गया है।

सचिव:

1. संगठन का प्रमुख एवं प्रशासनिक अधिकारी होगा।

2. संगठन की समस्त चल-अचल सम्पत्ति की रक्षा करना और उस पर नियंत्रण रखना।

3. संगठन की ओर से अदालती कार्यवाही करना।

4. संगठन के नामांकन पर विचार करना तथा सदस्य बनने का अनुमति प्रदान करना।

5. संगठन की ओर से समस्त पत्र व्यवहार करना।

6. संगठन के कर्मचारियों की नियुक्ति, निष्कासन, पदोन्नति, वेतनवृद्धि, निलम्बन व बहाली करना।

कोषाध्यक्ष:

1. कोषाध्यक्ष ग्रामीण जनस्वास्थ्य रक्षक कल्याण समिति, उ0प्र0 के कोष का व्यवस्थापक होगा। वह समस्त पूंजी विनियोग आमदनी तथा खर्च का हिसाब रखेगा।

संगठन मंत्री:

1. आपसी सद्भाव एवं भाईचारे की भावना जागृत करना एवं संगठन को जोड़कर रखना।

कार्यालय सचिव:

1. कार्यालय से सम्बन्धित समस्त कार्य करना एवं उसकी देखरेख करना।

प्रदेश कार्यकाणिी सदस्य:

1. समस्त कार्य में सहयोग करना।

प्रदेश प्रभारी का कार्य:

1. मण्डल एवं जिला स्तर पर समीक्षा कर रिपोर्ट को प्रदेश कार्यालय भेजना।

धारा 13

अनुशासन समिति:

1. अनुशासनहीनता के मामलों में प्रदेश अध्यक्ष एक सदस्यीय समिति का गठन करेगा। इसमें एक अध्यक्ष तथा पांच सदस्य होंगे। जो प्रदेश कमेटी, मण्डल कमेटी, जिला कमेटी, ब्लाक कमेटी जांच कर 10 दिन के अन्दर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। जिस पर प्रदेश अध्यक्ष उचित कार्यवाही कर सकें।

धारा 14

संविधान में संशोधन:

1. प्रदेश कार्यकारिणी की सिफारिश पर प्रदेश सम्मेलन या विशेष अधिवेशन कुल सदस्यों के बहुमत और मतदान में भाग लेने वाले सदस्यों के दो तिहाई बहुमत से कार्यकारिणी संविधान में कोई भी संशोधन कर सकती है।

धारा 15

सम्बद्ध संगठन के जागरूकता के लिए:

1. ग्रामीण जनस्वास्थ्य रक्षक जिलाध्यक्ष-महिला प्रकोष्ठ, ब्लाक अध्यक्ष-महिला प्रकोष्ठ का गठन।

2. जिले एवं ब्लाक में महिला प्रकोष्ठ का चयन केवल अध्यक्ष पद पर ही होगा।

3. सम्बद्ध संगठनों के महिला प्रकोष्ठ का चयन सम्बन्धित संगठन के जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश अध्यक्ष के अनुमोदन से कर सकेंगे। इनका कार्यक्षेत्र केवल महिला समस्या का समाधान करवाना है।

4. प्रदेश अध्यक्ष यदि इस बात से संतुष्ट हों कि कोई सम्बद्ध संगठन के हित के अनुकूल कार्य नहीं कर रहा है तो ऐसे सम्बद्ध संगठन को प्रदेश अध्यक्ष कभी भी भंग कर सकता है।

धारा 16

मण्डल कार्यकारिणी:

1. मण्डल अध्यक्ष, मण्डल सचिव मण्डल संगठन मंत्री का पद सृजित किया गया। भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर और पद प्रदेश अध्यक्ष के द्वारा घटाया-बढ़ाया जा सकता है। कार्य - मण्डल के सभी पदाधिकारी मण्डल के सभी जिलों के जिला कार्यकारिणी से मिलकर संगठन को मजबूत करने का काम करेंगे।

धारा 17

जिला कार्यकारिणी:

(अ) जिलाध्यक्ष का चयन प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश प्रमुख सचिव द्वारा किया जायेगा।

(ब) जिलाध्यक्ष के द्वारा जिला कार्यकारिणी का गठन किया जायेगा जो प्रदेश अध्यक्ष द्वारा अनुमोदित होंगे।

धारा 18

ग्रामीण जनस्वास्थ्य रक्षक कल्याण समिति, उ0प्र0 विशेष शर्त:

1. प्रदेश कमेटी के सदस्य केवल प्रदेश का कार्यभार देखेंगे। जिले पर कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकेंगे।

2. प्रदेश संगठन के सदस्य कोई भी सदस्यता फार्म कार्यालय में नहीं जमा कर सकेंगे।

3. प्रदेश कमेटी के सदस्य कोई भी सदस्यता फार्म भरते हैं तो वह सम्बन्धित जिलाध्यक्ष को देंगे। जिलाध्यक्ष को मण्डल अध्यक्ष से फार्म सत्यापन करवाकर प्रदेश कार्यालय में जमा करना होगा।

4. जिलाध्यक्ष केवल जिले का कार्यभार देखेंगे। वह कोई भी सदस्यता फार्म स्वतः नहीं भर सकता है।

5. किसी भी जिलाध्यक्ष को दूसरे जिले में कोई सदस्यता फार्म भरने का अधिकार नहीं है। विशेष परिस्थिति में वह जिलाध्यक्ष से वार्ता कर अपना कार्य करवा सकता है।

6. ब्लाक अध्यक्ष केवल अपने ब्लाक में ही सदस्यता ग्रहण करवायेगा। दूसरे ब्लाक में सदस्यता ग्रहण नहीं करवा सकता है। विशेष परिस्थिति में वह दूसरे ब्लाक अध्यक्ष से वार्ता कर अपना कार्य करवा सकता है।

7. प्रदेश संगठन मण्डल संगठन, जिला संगठन एवं ब्लाक संगठन का जो भी पदाधिकारी उपर्युक्त शर्तों के खिलाफ कोई भी कार्यवाही करता है, संगठन में मनमानी अथवा अनुशासनहीनता करता है तो प्रदेश कमेटी में शिकायत आने पर प्रदेश कमेटी, प्रदेश कार्यालय पर तत्काल आवश्यक बैठक कर उसके खिलाफ उचित कर्यवाही करने का प्रस्ताव पास करेगी जो सर्वमान्य होगा।

धारा 19

1. जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारी निम्नवत हैं:

जिलाध्यक्ष-1, जिला प्रमुख सचिव-1, जिला कोषाध्यक्ष-1, जिला उपाध्यक्ष-3, जिला संगठन मंत्री-3, कार्यालय सचिव-1, जिला कार्यकारिणी सदस्य-3 एवं मीडिया प्रभारी-1

2. ब्लाक कार्यकारिणी:

ब्लाक अध्यक्ष का चयन जिलाध्यक्ष द्वारा किया जायेगा जिसका अनुमोदन प्रदेश अध्यक्ष द्वारा होगा। ब्लाक कार्यकारिणी के पदाधिकारियों का चयन ब्लाक अध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष द्वारा किया जायेगा। जिसका अनुमोदन प्रदेश अध्यक्ष द्वारा होगा।

3. ब्लाक कार्यकारिणी के पदाधिकारी निम्नवत हैं:

ब्लाक अध्यक्ष-1, ब्लाक प्रमुख सचिव-1, ब्लाक कोषाध्यक्ष-1, उपाध्यक्ष-3, संगठन मंत्री-3, ब्लाक कार्यालय सचिव-1 एवं ब्लाक कार्यकारिणी सदस्य-3 एवं ब्लाक मीडिया प्रभारी-1

ग्रामीण जनस्वास्थ्य रक्षक कल्याण समिति उ0 प्र0.

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